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ग्रामीणों ने आवारा गौवंशों को पीएचसी में किया बंद, दिन रात फसल बचाने से है परेशान, बोले- प्रशासनिक दावों के बाद भी नहीं मिली निजात

रिपोर्ट अंकुल कुमार

हरदोई। भरखनी ब्लाक क्षेत्र में आवारा गोवंशों की समस्या दिन प्रतिदिन जटिल होती जा रही है। आवारा गोवंश किसानों की फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। झुंझलाए किसानों ने सोमवार को बिल्सरी पीएचसी में आवारा गोवंशों को बंद कर दिया। ग्रामीणों द्वारा गोवंशों को पीटने और आग से जलाने का वीडियो भी वायरल हुआ है। पीएचसी में बंद कई गोवंश जमीन पर पड़े तड़प रहे हैं।
बताते चलें कि भरखनी ब्लॉक क्षेत्र में गोवंश आश्रय स्थल होने के बावजूद आवारा गोवंशों का भरपूर आतंक है। आवारा गोवंश किसानों की फसलों को तो बर्बाद कर ही रहे हैं, साथ ही आवारा गोवंशों के हमले से कई लोगों की जान भी जा चुकी है। ब्लॉक क्षेत्र की लगभग हर न्याय पंचायत में गौशालाएं बनाई गई हैं, फिर भी हजारों की तादाद में गोवंश छुट्टा घूम रहे हैं। सर्द रातों में किसान आवारा गोवंशों से अपनी फसलों की रखवाली करते हैं, बावजूद इसके आवारा गोवंश फसल बर्बाद कर देते हैं। भरखनी ब्लाक अंतर्गत थाना पचदेवरा क्षेत्र के बिल्सरी मजरा मान नगला के ग्रामीणों ने सोमवार शाम को दर्जनों गोवंशों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिल्सरी में बंद कर दिया। कुछ वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें ग्रामीण गोवंशों को पीटते और आग से जलाते दिखाई पड़ रहे हैं। वीडियो में कुछ गोवंश जमीन पर पड़े तड़पते हुए भी दिखाई दे रहे हैं। बिल्सरी के किसानों का कहना है कि प्रशासनिक दावे पूरी तरह से झूठे हैं और गोवंश आश्रय स्थलों में चंद गोवंश ही हैं, रात को उन्हें भी छोड़ दिया जाता है। पूरी रात वह गोवंशों से अपनी फसलों की रखवाली करते हैं जिसके कारण वह अपने घरेलू काम तक नहीं कर पाते हैं। किसानों ने आवारा गोवंशों से निजात दिलाए जाने की जिला प्रशासन से मांग की है।

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