ठगी के मामले को लेकर तुषार ने एसपी अलवर ग्रामीण को लिखा पत्र रामबाबू विजय और उसका जीजा कैलाश चंद्र ने तो सर से ढाई लाख रुपए का लगाया चूना मकान को बेचने का दिया लालच मकान में ताला लगाकर हुए फरार।
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निवेदन है कि मैं तुषार पुत्र नीरज हाल निवासी कुण्ड मौहल्ला राजगढ़ में निवास करता हूँ मेरा मकान मालिक रामबाबू पुत्र भीखाराम सटेबाला उसकी बहिन कृष्णा का पति कैलाश चन्द गुप्ता LIC Agent जो मंगोलपुरी थाने के पास का पता बताता था। इसका साला रामबाबू भी इसी के पास रहता है। रामबाबू ने 2,50,000 रूपये तुषार से लेकर जो कि मैंने उसमें से इसको दिलवाये थे। के बदले आश्वस्त किया था कि वह बदले में मकान का बेचान करेगा यदि वह पैसे चुका न पाया तो मकान मुझे बेचान कर देगा। अत्यंत आवश्यक करणों के चलते यह राशि उधार ली जो की 3 साल के भीतर चुका दूंगा। ऐसा कथन किया जिसकी एवज में प्रोमोसरी नोट भी लिया गया। परंतु आज तक एक भी रुपया नहीं चुकाया स्वयं की बजाय जीजा के नंबर छोड़ गया ना ही कोई बदले में मुझे खुद बयकलम प्रोमोसरी नोट की फोटो प्रतिलिपि देखकर फरार हो गया और मैं इसके जीजा के पास बार-बार नोटिस देकर भी सूचित कराया पर वहां से कोई सूचना नहीं मिली। श्रीमान से निवेदन है कि इसके छल पूर्ण व्यवहार के लिए इसे दंडित किया जावे तथा उचित कार्रवाई कर मेरे पैसों को मयब्याज मुझे दिलाए जावे यह इसके बायदे अनुसार मकान बेचन की प्रक्रिया को मुझे जल्द करवाया जावे।