
व्यासपीठ से श्रीहरिदासी वैष्णव संप्रदायाचार्य विश्वविख्यात भागवत प्रवक्ता आचार्य गोस्वामी मृदुल कृष्ण महाराज ने अपनी सुमधुर वाणी में सभी भक्तों-श्रृद्धालुओं को श्रीमद्भागवत महापुराण का महात्म्य श्रवण कराते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण की कथा सुनने से व्यक्ति के मन-बुद्धि का आध्यात्मिक विकास होता है।अन्य युगों में जहां मोक्ष की प्राप्ति करने के लिए जप-तप, हवन-यज्ञ एवं दान-पुण्य आदि करने पड़ते थे, वहीं कलयुग में श्रीमद्भागवत महापुराण की कथा सुनने मात्र से जीव को मोक्ष की प्राप्ति होती है।
उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा के स्मरण करने मात्र से हमारे सभी पापों का नाश हो जाता है।साथ ही जीव को अनन्त पुण्यों की प्राप्ति होती है।इस दिव्यातिदिव्य ग्रंथ की अमृतमयी कथा को पान करने के लिए देवतागण भी लालायित रहते है।जब कि प्राणियों को इसका लाभ सहज ही में प्राप्त हो रहा है। श्रीमद्भागवत कथा सुनने से मानव जीवन का कल्याण होता है और उसके सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।
महोत्सव में कमलेश गुप्ता, गिर्राज गुप्ता, रमेश गोयल, राकेश बंसल, संजय गुप्ता, सुमित गुप्ता, आर.पी. गुप्ता, राजेश अग्रवाल, योगेश गुप्ता, शुभम गुप्ता, पूर्व ब्लॉक प्रमुख गजेंद्र सिंह भदौरिया (आगरा), वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. गोपाल चतुर्वेदी, प्रमुख समाजसेवी दासबिहारी अग्रवाल, पण्डित किशोर शास्त्री, आचार्य राजा पण्डित, पंडित रवीन्द्रजी, पंडित उमाशंकर मिश्रा एवं डॉ. राधाकांत शर्मा आदि के अलावा विभिन्न क्षेत्रों के तमाम गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
राजकुमार गुप्ता
जिला संवाददाता मथुरा
