जिला धार
- प्रदेश के लगभग 20 से 22 जिलों में लाखों किसानों की खड़ी फसल गेहूं चना मक्का जैसी फसलों तौबा कर दी अन्नदाता की मेहनत के दुश्मन बनी है नीलगायां जंगली सूअर और बंदर मौजूदा हालात में यह है कि इन शाकाहारी वन्य प्रणालियों की संख्या कई गुना बढ़ चुकी है दरअसल बात की जाए तो जब घने जंगलों को काटकर लड़कियों का इस्तेमाल किया जा रहा है उन्हें जंगलों में से निकालकर नीलगाया शहर गांव गांव से लगे खेतों को अपनी चारागाह बना लिया लगभग मालवा निमाड़ के क्षेत्र की बात की जाए तो धार उज्जैन देवास शाहजाहांपुर मंदसौर नीमच रतलाम खरगोन समेत खंडवा अलीराजपुर झाबुआ के जिलों में समस्या का विकराल रूप ले चुकी है फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले यह वन्य जीव कई बार किसानों को भी घायल कर चुके हैं प्रजनन क्षमता अधिक होने से बढ़ रही है काफी परेशानियां। नीलगाय हर 6 महीने में लगभग 1 से 2 बच्चों को जन्म देती हैं
