*वर्षाकाल में गौवंष सडक पर नहीं रहे, सुनिष्चित करे-कलेक्टर*
कलेक्टर मैहर ने अपने पत्र में अधिकारियों को निर्देशित किया है कि मनरेगा योजना अंतर्गत स्वीकृत अधूरी गौशालाओं को निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कराकर निराश्रित गौवंश व्यास्थापन की कार्यवाही करें। इन गौशालाओं को गौसंवर्धन बोर्ड में पंजीकृत करायें ताकि गौसंवर्धन बोर्ड द्वारा संचालित अनुदान योजना का लाभ मिल सके। कलेक्टर ने कहा है कि चिन्हित चरनोई भूमि से अतिक्रमण हटाकर स्थानीय गौशालाओं को आरक्षित करने की कार्यवाही की जाये। राजमार्गों पर दुर्घटनाओं में गोवंश को प्राथमिक उपचार एवं राजमार्गों से निराश्रित गौवंश को निकटतम गौशालाओं तक पहुंचाने की व्यवस्था करें। राजमार्गों पर दुर्घटना पर घायल गौवंश को प्राथमिक उपचार के लिए पशुपालन विभाग द्वारा संचालित चलित पशु चिकित्सा इकाई का उपयोग करने टोल फ्री कॉल सेंटर नम्बर 1962 का उपयोग किया जाये। राजमार्गों से निराश्रित गौवंश से हटाकर टोल संचालक अथवा स्थानीय निकायों द्वारा हाइड्रोलिक कैटल लिफ्टिंग व्हीकल अथवा अन्य योग्य वाहन से निकटतम गौशाला पहुंचाया जाये। राजमार्गों के आसपास के गांवों में मुनादी कर समस्त पशुपालक से कहा जाये कि वे अपने गौवंश पशुओं को घरों में बांध रखें। राजमार्गों पर विचरण करने वाले गौवंश को निकटस्थ गौशाला अथवा कान्जी हाउस में भेजा जायेगा और गौवंश को मुक्त करने के लिए स्थानीय निकायों के नियमानुसार शुल्क लेकर छोडा जायेगा। कलेक्टर ने कहा है कि वर्षाकाल में कोई भी गौवंश सडक पर विचरण नहीं करें इस हेतु संपूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित करने के संबंध में सभी आवश्यक कार्यवाही भी अपने स्तर से सुनिश्चित करेंगे।
