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BIG BREKING ⏩ up के हाथरस में सत्संग के बाद मची भगदड़, 100 की मौत:अस्पताल के बाहर बिखरी पड़ी लाशें; 150 घायल सूत्र।

*BIG BREKING ⏩ up के हाथरस में सत्संग के बाद मची भगदड़, 122 की मौत:अस्पताल के बाहर बिखरी पड़ी लाशें; 150 घायल सूत्र*। लखनऊ. उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में आज बड़ा हादसा हो गया. सिकंदराराऊ थाना क्षेत्र के गांव रतीभानपुर में आयोजित भोले बाबा के सत्संग में भगदड़ मच गई. जिसमें 75 श्रद्धालुओं की मौत की खबर है. हालांकि अस्पताल पहुंचे लोगों ने 200 श्रद्धालुओं के मरने का दावा किया है. इस मामले में CM योगी आदित्यनाथ ने तत्परता दिखाते हुए मंत्री लक्ष्मी नारायण, मंत्री संदीप सिंह, चीफ सेक्रेटरी और डीजीपी को घटनास्थल पर भेजा है. वहीं सीएम योगी ने इस घटना पर संवेदना व्यक्त की है.

सीएम योगी ने सोशल मीडिया X पर लिखा- जनपद हाथरस की दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत दुःखद एवं हृदय विदारक है. मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ है. संबंधित अधिकारियों को राहत और बचाव कार्यों के युद्ध स्तर पर संचालन और घायलों के समुचित उपचार के लिए निर्देश दिए हैं. उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी, संदीप सिंह घटना स्थल के लिए रवाना हो चुके हैं. प्रदेश के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को घटना स्थल पर पहुंचने के लिए निर्देशित किया है. ADG, आगरा और कमिश्नर, अलीगढ़ के नेतृत्व में टीम गठित कर दुर्घटना के कारणों की जांच के निर्देश भी दिए हैं. प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान तथा घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें.

इधर, सत्संग पंडाल पर अभी भी हालत साफ नहीं हैं. वहां मरने वालों की लाशें पड़ी बताई जा रही है. लाशों को टेंपो और अन्य वाहनों से जरिए मर्चुरी पहुंचाई जा रही है. घटनास्थल पर संसाधनों का अभाव है. इस हादसे को लेकर अलीगढ़ जिला प्रशासन में अलर्ट है. जेएन मेडिकल कॉलेज पर पुलिस, प्रशासनिक टीम पहुंची है. घटना को लेकर इमरजेंसी में व्यवस्थाएं कराई जा रही है.

 

इस घटना में मरने वालों में अधिकांश महिलाएं और बच्चे हैं. वहीं काफी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे घायल हैं. जिनकी हालत गंभीर बताई जा रही है. बताया जा रहा है कि पंडाल में भयानक उमस और गर्मी के कारण भगदड़ जैसी स्थिति बन गई. वहां मौजूद लोगों का कहना है कि मरने वालों की संख्या ज्यादा है, जिन्हें घायल हालत में आसपास के जिलों में अलग-अलग भेजा गया था. सिर्फ एटा के सरकारी अस्पताल में 27 लाशें पहुंच चुकी हैं, जिसमें 25 महिलाएं और 2 बच्चे हैं.

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