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नवीन न्याय संहिता लागू: पुलिस ने किया जागरूकता कार्यक्रम

नवीन न्याय संहिता लागू: पुलिस ने किया जागरूकता कार्यक्रमनवीन न्याय संहिता लागू: पुलिस ने किया जागरूकता कार्यक्रम

रिपोर्ट प्रशान्त पटेल

गिधौरी बलौदाबाजार : देशभर में आज से भारतीय दंड संहिता (IPC) की जगह भारतीय न्याय संहिता (BNS), क्रिमिनल प्रोसीजर कोड (CrPC) की जगह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और एविडेंस एक्ट (IEA) की जगह भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) लागू हो गया है। इसको लेकर पुलिस विभाग के द्वारा जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।

गिधौरी में जागरूकता कार्यक्रम:

इसी कड़ी में आज गिधौरी थाना परिसर में भी पुलिस विभाग के द्वारा जागरूकता कार्यक्रम रखा गया था। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि कसडोल के जेएमएफसी मजिस्ट्रेट बृजेश रॉय एवं एडीपीओ तेज कुमार एक्का शामिल हुए।

माननीय मजिस्ट्रेट ने दी जानकारी:

माननीय मजिस्ट्रेट बृजेश रॉय ने जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों को संबोधित करते हुए नवीन न्याय संहिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नए कानूनों में आधुनिकता के अनुरूप बदलाव किए गए हैं।

ऑनलाइन FIR की सुविधा:

अब किसी भी फरियादी को पुलिस थाना जाने की आवश्यकता नहीं है। फरियादी चाहे तो ऑनलाइन, फोन रिकॉर्ड, ई-मेल या फिर वाट्सएप से सूचना देकर एफआईआर दर्ज करवा सकता है। इसके लिए फरियादी को ऑनलाइन सूचना देने के तीन दिन के बाद थाना आकर आवेदन की कॉपी में हस्ताक्षर करने होंगे।

पुलिस का प्रयास:

गिधौरी पुलिस का कहना है कि लोगों को नवीन न्याय संहिता के बारे में जागरूक करना उनका कर्तव्य है। इसके लिए समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

नए कानून के फायदे:

• त्वरित न्याय सुविधा

• समय सीमा के भीतर न्याय मिलने की सुविधा

• ऑनलाइन FIR की सुविधा

नवीन न्याय संहिता का उद्देश्य लोगों को त्वरित और आसानी से न्याय दिलाना है। पुलिस द्वारा किए जा रहे जागरूकता कार्यक्रम सराहनीय हैं।

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