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परिवहन क्षेत्र में सुशासन का महत्वपूर्ण कदम: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

उज्जैन। रिपोर्ट ( रघुवीर सिंह पंवार ) मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सुशासन के अंतर्गत देश में अनेक कार्य किए जा रहे हैं। इस नाते परिवहन क्षेत्र में मध्यप्रदेश में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। चेक पोस्ट संबंधी नई व्यवस्था शीघ्र लागू की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक जुलाई से परिवहन चेक पोस्ट, जो अन्य प्रांतों की सीमा पर वाहनों के आवागमन के संबंध में भूमिका अदा करती हैं, वहां संबंधित जिला प्रशासन के साथ तालमेल कर वर्तमान में हो रही अव्यवस्थाओं को दूर करने और पारदर्शी व्यवस्था लागू करने का कदम उठाया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सुशासन के लिए जाना जाता है। परिवहन व्यवस्था के संबंध में शिकायतें प्राप्त होने पर राज्य शासन द्वारा सख्त कार्यवाही की जाएगी। नई व्यवस्था से भारी वाहनों के संचालकों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी। शिकायतों को दूर कर साफ-सुथरे ढंग से परिवहन विभाग के मूल कार्य को बेहतर ढंग से संचालित करने के प्रबंध किए गए हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से वीडियो कांफ्रेंस में सभी जिलों से जुड़े प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि परिवहन विभाग को नई व्यवस्था में आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाए। प्रदेश में अब सीमावर्ती जिलों में नई व्यवस्था में उड़न दस्ते कार्य करेंगे। बाहरी वाहनों के संचालकों को कोई समस्या नहीं आएगी। नई पारदर्शी व्यवस्था सभी के लिए उपयोगी सिद्ध होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि परिवहन विभाग द्वारा महाविद्यालयों में विद्यार्थियों के ड्राइविंग लाइसेंस तैयार करने के लिए शिविर लगाए जाएं। यात्री बसों के संचालन में निर्धारित स्थान से बस चलाने के नियम का पालन किया जाए। समय सारणी का पालन किया जाए। स्कूल की बसों की चेकिंग भी की जाए। ग्रामीण परिवहन सेवा को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया जाए।

मुख्य बिंदु:

विस्तृत विवरण:

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि परिवहन क्षेत्र में सुधार और पारदर्शिता लाने के लिए राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इन परिवर्तनों का उद्देश्य परिवहन व्यवस्था को अधिक कुशल, पारदर्शी और जनहितकारी बनाना है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी कहा कि राज्य सरकार परिवहन विभाग में शिकायतों के निराकरण के प्रति गंभीर है। यदि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या भ्रष्टाचार की शिकायतें प्राप्त होती हैं तो उन पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भारी वाहनों के संचालकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और उन्हें एक साफ-सुथरी और व्यवस्थित परिवहन व्यवस्था मिले।

वीडियो कांफ्रेंस में सभी जिलों के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे परिवहन विभाग को नई व्यवस्था में सहयोग प्रदान करें। सीमावर्ती जिलों में नई व्यवस्था के तहत उड़न दस्ते कार्य करेंगे, जो बाहरी वाहनों के संचालन को सुगम बनाएंगे और पारदर्शिता सुनिश्चित करेंगे।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि परिवहन विभाग द्वारा महाविद्यालयों में विद्यार्थियों के ड्राइविंग लाइसेंस तैयार करने के लिए शिविर लगाए जाएं। यात्री बसों के संचालन में निर्धारित स्थान से बस चलाने के नियम का पालन किया जाए और समय सारणी का पालन हो। स्कूल की बसों की नियमित चेकिंग की जाए और ग्रामीण परिवहन सेवा को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाए।

मुख्य सचिव श्रीमती वीरा राणा, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव परिवहन श्री एस. एन. मिश्रा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री संजय कुमार शुक्ला, प्रमुख सचिव जनसम्पर्क एवं विमानन श्री संदीप यादव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस वीडियो कांफ्रेंस में उपस्थित थे। प्रशासनिक संकुल भवन उज्जैन स्थित एनआईसी कक्ष से संभागायुक्त उज्जैन श्री संजय गुप्ता, पुलिस महानिरीक्षक श्री संतोष कुमार सिंह, वन संरक्षक वृत उज्जैन श्री एम. आर. बघेल, डीआईजी श्री नवनीत भसीन, कलेक्टर श्री नीरज कुमार सिंह, एसपी श्री प्रदीप शर्मा, डीएफओ डॉ. किरण बिसेन, सीईओ जिला पंचायत श्री मृणाल मीना, आयुक्त नगर निगम श्री आशीष पाठक सहित अन्य अधिकारी भी इस वीडियो कांफ्रेंस में शामिल हुए।

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