अप्रेल खत्म होकर जून लग गया सारणी में नहीं रूक रहा पलायन
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बेतुल जिले के सारणी में पलायन का सिलसिला लगातार जारी है रोजगार नहीं होने के कारण लोग अन्य जिले में पलायन कर रहे हैं पहले सारणी मे जहां दस कोयला खदान हुआ करती थी आज महज तीन खदान शेष बची है ओर एक पावर प्लांट जिससे लोगों को रोजगार उपलब्ध नहीं हो पा रहा लोग अपने घरों में ताले लगाकर रोजगार के लिए दुसरे जिले में जा रहे यह के जनप्रतिनिधि चुनाव के समय झुठी घोषणा कर देते हैं कि खदान खुल रही प्लांट लग रहा सीमेंट फैक्ट्री खुल रही मगर चुनाव खत्म होने के बाद घोषणा कोरी रह जाती है ओर लोग परेशान होकर काम कि तलाश में दुसरे जिले में चले जाते हैं सारणी कि पहले एक लाख के करीब वादी थी आज महज तीस पेंतीस हजार वादी रह गयी सारणी में 36 वार्ड हुआ करते हैं अगर आज सही सर्वे करा दे तो महज 17 से बीस वार्ड बचेंगे मध्यप्रदेश कि सबसे बड़ी नगर सारणी हुआ करती थी पलायन का आलम यह है कि हर एक दो मकान को छोड़कर दस बारह मकान में ताले लगे हे भाजपा का गढ़ हुआ करता है सारणी जहां विधायक सांसद नपाध्यक्ष पार्षद प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री सभी भाजपा के हे मगर फिर भी कोई रोजगार नहीं पहले यह बेकोली का पानी बिजली फ्री मिलता था आज वो सब बंद हो गयि ओर नपा कि बिजली पानी मिल रहा उसका बिल भारी भरकम आ रहा तबसे ओर ज्यादा जनता पलायन कर रही पहले कहते थे यह के जनप्रतिनिधि एवं विधायक अप्रैल तक रोजगार आ जाएगा मगर अब जूनलग गया अभी तक कोई रोजगार नहीं दिख रहा सारणी में