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बालु लोड हाईवा ड्रेन में पलटी, चालक व खलासी बाल बाल बचे

 

सरायकेला/चांडिल : सरायकेला-खरसावां जिला अंतर्गत नीमडीह थाना क्षेत्र के पुरियारा गांव में मंलगवार की रात लगभग चार बजे बालू लदा हाईवा अनियंत्रित होकर ड्रेन में पलट गया। दुर्घटना में हाइवा का चालक व खलासी बाल-बाल बच गए। मिली जानकारी के अनुसार तिरुलडीह की ओर से बालू लदा हाईवा तेज रफ्तार से जा रहा था, जो पुरियारा गांव के गोप होटल समीप अनियंत्रित होकर सड़क किनारे नाली में घुसकर पलट गया। घटना के बाद ग्रामीणों ने हाइवा चालक से चालान मांगा तो चालक चालान दिखाने में असमर्थता जताया। पूछताछ में चालक ने हाइवा मालिक का नाम पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिला अंतर्गत बलरामपुर निवासी अजय महतो बताया। जबकि वाहन नम्बर की जांच से राजीव महतो बताया जा रहा है।

दुर्घटना के बाद हाईवा संचालक ने हाइड्रा मंगाकर दुर्घटनाग्रस्त हाइवा को उठाया और जेसीबी से बालु खाली किया। इस संबंध में नीमडीह थाना प्रभारी ने बताया कि बालू लदा हाईवा पलटने की जानकारी उन्हें किसी ने नहीं दी है। अगर ऐसी घटना घटी है तो वे मामले की जानकारी लेंगे और आवश्यक कार्रवाई करेंगे। दुर्घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीण बता रहे हैं कि इसके पूर्व भी इस प्रकार की कई घटना घट चुकी है। बालू लेकर हाइवा चालक तेज रफ्तार से लापरवाही के साथ वाहन चलाते हैं, जिसके कारण कई बार दुर्घटना घट चुकी है। ग्रामीणों ने बताया कि बालू का अवैध परिवहन करने वालों पर कानून का कोई डर नहीं रहता है। बालू लदे वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने पर पुलिस पहुंचती ही नहीं है। जबकि अन्य वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने पर पुलिस तत्काल पहुंचती है।

तो क्या नहीं थमेगा सफेद बालू का काला कारोबार

आए दिन बालू लदे वाहनों के हो रही दुर्घटना इस बात का संकेत दे रहा है कि क्षेत्र में सफेद बालू का काला कारोबार नहीं थमा है। तिरुलडीह व ईचागढ़ थाना क्षेत्र के विभिन्न नदी घाटों से रात के अंधेरे में अवैध बालू का संचालन बदस्तूर जारी है। पुलिस-प्रशासन जनता के आंखों में धूल झोंककर अपने को लाख पाक-साफ दिखा लें, लेकिन इस प्रकार की दुर्घटना अवैध कारोबार का पर्दाफाश करती रही है। पुलिस-प्रशासन के स्थानीय अधिकारी कहते हैं कि क्षेत्र में बालू का अवैध कारोबार नहीं होता है। इसके विपरीत जब भी बड़ी कार्रवाई हुई है तब लाखों सीएफटी बालू का अवैध भंडारण जब्त किया गया है। वहीं वर्षों पहले जब्त की गई बालू का अबतक निलामी नहीं किया जाना भी पदाधिकारियों के कार्रवाई पर प्रश्न चिन्ह लगा रहा है।

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