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ब्रेकिंग न्यूज़,श्री बंशीधर नगरः मनरेगा योजना में गड़बड़ , मजदूरों की जगह जेसीबी से हो रहा कूप निर्माण

संवाददाता अखिलेश विश्वकर्मा का रिपोर्ट गढ़वा बंशीधर नगर ,, से पलायन रोकने के लिए मनरेगा योजना के तहत रोजगार उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन बड़े बड़े दावे कर रहे है लेकिन विशुनपुरा प्रखंड के पतिहारी पंचायत के चितरी गांव में कथातथित बिचौलिए पंचायत प्रतिनिधि के सहयोग से मनरेगा योजना अंतर्गत बन रहे तीन कूप योजना का कार्य मजदूर के बजाय जेसीबी मशीन से कराकर जिला प्रशासन के दावे का धत्ता बता रहे है। गौरतलब है की विशुनपुरा प्रखंड के पतिहारी पंचायत अंतर्गत चितरी गांव में 2023-24 में बिनोद साह के खेत में मनरेगा योजना के तहत कूप योजना जिसका कोड संख्या 7080903115829 है वही धनंजय प्रसाद के खेत में कूप निर्माण जिसका कोड संख्या 7080903002018 है।उसी गांव के बिनोद प्रजापति के खेत में

बिरसा कूप योजना जिसका कोड संख्या। 7080902991106 है। विभागीय अनुसार सभी कूप योजना लगभग चार चार लाख का बताया जाता है। जानकारी के अनुसार कोड होने के बाद तीनों लाभुक अपने अपने खेत में बुधवार की देर रात मजदूर के बजाय जेसीबी से खुदाई कराया। आस पास के लोगो द्वारा बताया गया की इससे पहले मनरेगा के तहत कई योजना भी जेसीबी मशीन से कराया गया है। लोगो ने बताया की इस पंचायत में मनरेगा योजना के तहत चल रहे योजना का जांच सही तरीके से हो जाए तो शामिल कई अधिकारी व कर्मी नप जायेंगे। लोगो का कहना है की पंचायत के मुखिया का दबंगई चलता है मनरेगा के तहत चल रहे योजना में मुखिया द्वारा मोटी रकम वसूली जाती है।प्रत्येक दिन कर रहे है हजारों मजदूर पलायन अनुमंडल के विभिन्न प्रखंडों से विभिन्न ट्रेनों के माध्यम से हजारों के तदाद में मजदूर पलायन को विवश है। पलायन कर रहे मजदूर गुजरात के जामनगर,सूरत, सहित तामिलनाडु, कर्नाटक दिल्ली राज्य जा रहे है। मजदूरों का कहना है कि मजदूरी मिल नही रहा है ऐसे में घर का खर्चा कैसे चलेगा। लोगो ने कहा की कुछ योजना चल रहा है तो ठेकेदार अधिकारियों के सहयोग से मशीनरी का प्रयोग कर काम कर रहे है। उक्त लोगो ने कहा कि काम नही मिल पा रहा है मजबूरन पेट के लिए दूसरे राज्य में काम के तालाश में निकल रहे है।क्या कहना है अधिकारी का विशुनपुरा प्रखंड के प्रभारी प्रखंड बिकास पदाधिकारी सतीश भगत ने कहा कि मनरेगा योजना में जेसीबी मशीन का प्रयोग किए जाने का मामले का जानकारी नहीं है। अगर ऐसा मामला है तो जांच भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट के बाद योजना रद्द करते हुए संलिप्त सभी लोगो पर कारवाई की जाएगी।

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