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आधुनिक शहर”ग्रेटर झारसुगुड़ा बनाने का सपना रह गया अधूरा

आधुनिक शहर”ग्रेटर झारसुगुड़ा बनाने का सपना रह गया अधूरा

झारसुगुड़ा सारांचल को लेकर ग्रेटर झारसुगुड़ा की परिकल्पना की गई थी और इसे लेकर राज्य सरकार कई बार उच्च स्तरीय बैठक कर उक्त योजना को वास्तव रूप देने के लिए प्रयास भी किया गया था मगर पूर्व स्वास्थ्य मंत्री नया किशोर दास के देहांत के बाद यह प्रकल्प आधार में ही लटक गया और ना तो अब कोई इस प्रकार पर चर्चा करता है और ना ही इसकी अग्रगति पर जिला प्रशासन स्तर पर किसी को कुछ भी पता नहीं है इस प्रकार की चिंता धारा झाड़सुआ सीमांचल को नया रूप देने के साथ आगामी दिनों मैं एक सर्व सुविधा संपन्न एक आधुनिक शहर बनाने की योजना ही लटक गई है
वर्ष 1952 एक मई को झारसुगुड़ा नगर पालिका का जन्म हुआ था। उस वक्त इसकी जनसंख्या मात्र 15000 थी और पालिका में 13 वार्ड थे । वही वर्ष 1994 एक जनवरी को संबलपुर जिला से अलग होकर झारसुगुड़ा स्वतंत्र जिला बन गया था ।वर्तमान में नगर पालिका कुछ 75 .54 वर्ग किलोमीटर परिमित आंचल में फेरी है पूर्व दक्षिण और पश्चिम में स्थित दो प्रमुख नदी इस व भेडन इस शहर में जीवन रेखा है वही समय के साथ एक यह शहर वाणिज्य व शिल्प शहर के रूप में परिणत होकर कर्म नियुक्ति में शु अवसर पैदा करनू ल के बाद बाहरी लोग भी यह। आने लगे जिससे यहां की जनसंख्या बढ़ने लगी वर्तमान यह नो टाउन यूनिट व 24 वार्ड में फैला है ।साथ ही जिले में 17 बड़े शिल्प अनुष्ठान है जो जिले अर्थ नैतिक अभिवृद्धि में सहायक हो रहे हैं वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग 49 राज्य राजमार्ग 10 व बीजू एक्सप्रेस वे राउरकेला संबलपुर शिल्प कॉरिडोर में स्थित या शहर विकास में प्रमुख भूमिका ग्रहण कर है इसी के साथ वर्ष 2018 से झारसुगुड़ा से एयर कनेक्टटीवी देश के प्रमुख शहरों से जुड़ने के बाद झारसुगुड़ा का महत्व और अधिक बढ़ गया है। ग्रेटर झारसुगुड़ा परिकल्पना के साथ झारसुगुड़ा को देश के प्रमुख मेट्रो सिटी के ढांचे में सर्व सुविधा युक्त शहर के रूप में रूपांतरित की योजना गत 5 वर्ष पहले की गई थी और महामारी कोविड के पहले इस दिशा में प्रयास आरंभ हुआ था और इसे लेकर झारसुगुड़ा वह भुवनेश्वर में बहुत बार बैठक भी हुई थी जिसमें तत्कालीन विधायक स्वर्गीय नब किशोर दास व किशोर कुमार महंती और झारसुगुड़ा जिलाधीश ने अंश ग्रहण किया था मगर दास के निधन के बाद यह प्रकल्प अटक गया है । विदीत हो कि शहर के उपखंड में स्थित साले टिकरा , तालपटिया, लहंडाबुड, दरलगा , बडम।ल ,हंस। मुर।, कांटा प।ली, बहरापाठ ,पंडरी पत्थर , कुकुरजगह ,को लेकर इसकी परिकल्पना की गई थी। शहर के चारों और स्थित यह सभी ग्रामअंचल का भौगोलिक क्षेत्र 14911.95 एकड़ है। वहीं इसमें वासिक इलाका 894 . 23 एकड़ है उक्त आंचल में खेती की जमीन 7432 .05 एकड़ सरकारी जमीन 3660 .14 एकड़ ,जंगल जमीन 969.67 एकड़ और ग्राम में भूस्वत्व 1059 एकड़ जमीन है और उक्त सभी गांव की जनसंख्या कुल मिलाकर 19206 है राज्य सरकार उक्त ग्रेटर झारसुगुड़ा के लिए आवश्यक जमीन उपलब्ध कराने स्वीकृत भी प्रदान की थी की बात कंनसलेटीक संख्या के कंस
लटेंटमनीष वर्मा ने कही है वहीं वर्तमान में उक्त प्रकल्प को आगे बढ़ाने में जनप्रतिनिधियों की मुख्य भूमिका ग्रहण करने की आवश्यकता है ऐसी तत्परता निम्न स्तर पर भी नहीं दिखाई दे रही है ।

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