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गुरुकृपा के बिना जीवन अधूरा — स्वामी इंद्रदेव सरस्वती महाराज

गुरुकृपा के बिना जीवन अधूरा — स्वामी इंद्रदेव सरस्वती महाराज

संगीतमय श्रीमद भागवत कथा में उमड़ रहा भक्तों का सैलाब

कृष्ण जन्म पर झूमकर नाचे श्रद्धालु

गाडरवारा। नगर में शनि मंदिर के पास एनटीपीसी आडिटोरियम के सामने 7 दिवसीय संगीतमय श्रीमद भागवत कथा जारी है। कथा में दिन प्रतिदिन धर्म प्रेमी श्रद्धालुओ की भीड़ उमड़ती जा रही है। बीते शनिवार को कथा के चौथे दिन आरती के बाद कथावाचक महामंडलेश्वर स्वामी इंद्रदेव सरस्वती महाराज ने गुरु की महिमा को बताते हुए कहा कि हमारा जीवन गुरु के बिना सूना है। जिसके जीवन मे गुरुकृपा नही है उसका जीवन अधूरा है। गुरु की महिमा को जानना दुर्लभ है। उन्होंने कहा कि साधु एवं गुरु के चरणों मे ही सभी धाम हैं। उन्होंने कथा में आगे कहा कि भागवत कथा के अमृत से जीवन का उद्धार हो जाता है। उन्होंने बताया कि हमें भागवत चर्चा एवं ध्यान करना चाहिए । आत्मा को परमात्मा का अंश बताते हुए उन्होने कहा कि व्यक्ति के मरने के बाद आत्मा शरीर से निकलकर भगवान के पास चली जाती है। उन्होने कहा कि नर्मदा नदी पवित्र नदी है नदियों में सिर्फ नर्मदा जी की ही परिक्रमा की जाती है । नर्मदा पापहरनी है जिसके दर्शन मात्र से व्यक्तियों के सारे कष्ट एवं दुःख दूर हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि इतना भयानक कलयुग आ गया है कि रसोई में भोजन पकाने में भी स्वच्छता का ध्यान नही रखा जा रहा है इसीलिए हम जैसा अन्न खाएंगे वैसा ही हमारा मन रहेगा। विदित हो कि श्रीमद भागवत कथा में चौथे दिन भगवान कृष्ण का जन्म हुआ इस मौके पर श्रद्धालुओं ने नाच गाकर भगवान कृष्ण के जन्म की खुशियां मनाई। आरती एवं प्रसाद वितरण के साथ चौथे दिन की कथा का समापन किया गया। कथा के चौथे दिन बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। कथा में आयोजन समिति द्वारा माँ बीजासेन कल्याण समिति के सहयोग से कथा सुनने आये लोगों के लिए शीतल जल की व्यवस्था की गई है। कथा उपरांत रात्रि को धार्मिक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते है।

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