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भगवान् का स्मरण जीवन और मरण दोनों को सुधारता है-स्वामी सम्पूर्णानन्द जी

लालगंज प्रतापगढ़। कथा सुनाते स्वामी सम्पूर्णानन्द जी महराज।                                                     नगर के घुइसरनाथ रोड पर हो रही श्रीमदभागवत कथा ज्ञान यज्ञ में कथाव्यास प्रयागराज से पधारे स्वामी सम्पूर्णानंद जी महराज ने कहा कि भगवान का स्मरण करते रहने पर मनुष्य के जीवन और मरण दोनों का उद्धार हुआ करता है। उन्होंने श्रद्धालुओं को बताया कि प्रभु की आराधना करते हुए दूसरों की पीड़ा हरने पर पाप जला करता है। वही उन्होनें कहा कि जो दूसरों को पीड़ा पहुंचाया करता है उसका पाप बढ़ा करता है। सम्पूर्णानंद जी महराज ने कहा कि सुभद्रा और भीष्म पितामह ने भगवान से एक समान वर मांगा था। इसके तहत दोनों ने भगवान से यह प्रार्थना की थी कि जब शरीर आशक्त हो जाय और मृत्यु सामने हो तो उसे भगवान का शरण का पुण्य मिलना चाहिए। पाण्डव पुत्रों के वध को लेकर अश्वस्थामा को ब्राम्हण के रूप में क्षमा करने के द्रोपदी की दयालुता का भी उन्होनें मार्मिक वर्णन किया। कथाव्यास ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण में ही यह क्षमता है कि वह द्रोपदी को भीष्म पितामह से अखण्ड सौभाग्यवती का वरदान दिला सके। कथा के दौरान द्वारिकाधीश की वंदना में भजन की मनमोहक प्रस्तुतियों में भी श्रद्धालु मंत्रमुग्ध दिखे। संयोजक समाजसेवी रामलखन जायसवाल तथा मीरा जायसवाल ने व्यासपीठ का पूजन अर्चन किया। शिवकुमार जायसवाल व कैलाशनाथ तथा दीपक ने कथाव्यास का श्रीअभिषेक किया। इस मौके पर डा. अवध नारायण मिश्र, राजकुमार मिश्र, श्रीपाल सिंह, देवी प्रसाद मिश्र बेलौरा, नरेन्द्र नारायण तिवारी, अनिल त्रिपाठी महेश, धु्रव नारायण मिश्र, रामप्रकाश जायसवाल, मुन्ना लाल जायसवाल, रामजी जायसवाल आदि रहे।

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