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अलकर के ग्रामीणों ने धर्मांतरण के खिलाफ अनुमंडल पदाधिकारी से रोक लगाने की किया मांग

संवाददाता अखिलेश विश्वकर्मा का रिपोर्ट गढ़वा

बंशीधर नगर से

प्राकृतिक छटाओं से परिपूर्ण जंगल पहाड़ की गोद में बसे अलकर गांव के ग्रामीणों ने गांव में चल रहे धर्मांतरण के खेल को लेकर रविवार को बैठक किया। इसमें सर्वसम्मति से अनुमंडल पदाधिकारी को आवेदन देकर हिंदुओं को ईसाई बनाए जाने पर रोक लगाने की मांग करने का निर्णय लिया गया।

 

निर्णय के मुताबिक ग्रामीणों ने अनुमंडल पदाधिकारी को आवेदन देकर गांव में चल रहे धर्मांतरण के खेल पर रोक लगाने की मांग किया है। आवेदन में लिखा है कि गांव में अधिकतर हरिजन, आदिवासी निवास करते हैं। ईसाई मिशनरियों के द्वारा अशिक्षा, अंधविश्वास, भूत-प्रेत से निजात दिलाने के नाम पर गांव के करीब 20-25 घर के भोले भाले गरीब ग्रामीणों को ईसाई बना दिया गया है।

 

भविष्य में यह समस्या और विकराल होने की संभावना है। धर्मांतरण की यह समस्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है, जो गांव के अन्य समाज के लोगों के लिए चिंता का विषय बनते जा रहा है। अगर समय रहते इस पर रोक नहीं लगाया गया तो भविष्य में यह गांव हिंसा की आग में झुलसने लगेगा। धर्मांतरण की यह समस्या हिंदू समाज के लिए अत्यंत ही चिंता का विषय बना हुआ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए ईसाई धर्म अपना चुके परिवार के सदस्यों को उनके मूल धर्म में वापस कराया जाए।

अन्यथा हम सभी ग्रामीण विवश होकर धर्मांतरण कर चुके लोगों का सामाजिक बहिष्कार कर देंगे। मांग करने वालों में दयाशंकर सिंह, विंदेश्वरी सिंह, मनदीप सिंह, देवबंश सिंह, जगन सिंह, राम प्रवेश सिंह, उमेश सिंह, उमेश कुमार, तेजू सिंह, प्रवीण सिंह, जयप्रकाश सिंह, विश्वनाथ, प्रगाश भुइयां, रामबदन सिंह, कन्हाई सिंह, सुरेश भुइयां, मदन सिंह, भरोसा राम, कृष्ण कुमार सिंह, रामनरेश सिंह, विजय सिंह, सुशील कुमार सिंह, सुदामा साह, धर्मेंद्र पनिका सहित कई लोगों का नाम शामिल है।

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