Site icon SAMRIDDH BHARAT NEWS

*कन्यादान के नाम पर फर्जी तरीके से वसूल रहे हैं पैसे*

*कन्यादान के नाम पर फर्जी तरीके से वसूल रहे हैं पैसे*

*ग्रामीण क्षेत्र में कमीशन एवं स्कूटी का लालच देकर बना रहे हैं एजेंट*

*सरकार की योजना बता कर के सरकार के नाम पर लाखों रुपए का लगा रहे हैं चूना*

*ये एजेंट नेटमार्केटिग की तरह अपना टारगेट पुरा करते हैं*

*मनरेगा कार्य स्थल पर मनरेगा श्रमिकों का भी काटते हैं 550 रुपये की रसीद*

*सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक आजकल ग्रामीण क्षेत्र में जरूरतमंद एवं आर्थिक स्थिति से कमजोर परिवारों से बेटी की शादी में दहेज का सामान देने के नाम पर सरकार की योजना बता एक फर्जी संस्थान के कुछ नुमाइदों द्वारा गरीब परिवारों से वसूला जा रहा है पैसा। इस संस्थान के एजेंटों द्वारा लड़की के परिवार से 550 रुपए वसूले जाने की सूचना मिली है सूत्रों ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रत्येक गांव में कमीशन स्तर पर एजेंट बना रखे हैं व एजेंट जरूरतमंद व आर्थिक स्थिति से कमजोर लड़की के परिवार से विवाह में दहेज का सामान देने का कहकर परिवार से 550 रुपए वसूल रहे हैं परिवार को कहा जाता है कि जब आपकी बेटी की शादी होगी तो आप परिवार को हम दहेज का सम्मान देंगे, इस प्रकार इन एजेंटों के द्वारा दिन भर में लाखों रुपए की राशि गरीब परिवारों से वसूली जा रही है ग्रामीण क्षेत्र से भोले भाले लोग सरकारी योजना समझ इन लोगों की बातों में आ जाते हैं। वही सुत्रों ने बताया कि ये लोग गरीब तबके के लोगों को ही अपने मकड़जाल में फांसते है।जिले के प्रत्येक गाँव गाँव ढाणी ढाणी मोटरसाइकिल पर सवार होकर ये लोग घूम रहे हैं।यहाँ तक की ग्रामीण क्षेत्र में पढाई कर रही लड़कियों को भी इस दलदल में स्कुटी व मोटा कमीशन देने का लालच देकर उन्हें भी शिक्षा व सरकारी विभाग की नौकरी की तैयारी से भटका रहे हैं।*

*सभी से निवेदन है कि आप जागरूक बने इन लोगो की बातों में नहीं आए और सरकार के द्वारा चलाई जा रही सभी योजनाओं का लाभ लेवे इनके झांसे में नहीं आवें।*

*आपसे निवेदन है अगर इस प्रकार कोई सरकार या विभाग के नाम पर आपको योजना देने, की बात करते हैं तो आप अपने नजदीकी पुलिस थाने में सुचना दे। क्योंकि सरकार या विभाग कोई ऑफ लाईन फार्म या चंदा वसुल नहीं करता है, आपको विभाग या सरकार की योजना हेतु ओनलाइन आवेदन करना होता है न कि ऑफ लाईन। ये लोग केवल सरकार के नाम पर पैसे वसूल कर रहे हैं।*

Exit mobile version