Site icon SAMRIDDH BHARAT NEWS

सिद्धार्थ नगर – नेपाली नकली नोट से सीमा के व्यापारी हो जाएं सावधान

बढ़नी। इंडो नेपाल सीमा पर भारतीय कस्बों के बाजारों में नेपाली नकली नोटों से व्यापारियों को सावधान रहने की जरूरत है। क्योंकि भारतीय सीमा से सटे बढ़नी बाजार, खुनुवा सहित अन्य बाजारों में नेपाली नोटों से लोग सामान बेचते हैं। ऐसी स्थिति में अगर नेपाली नकली नोट देकर भारतीय बाजारों में सामानों को खरीदा जा रहा है। तो भारतीय बाजार के व्यापारियों को खासा नुकसान उठाना पड़ सकता है। क्योंकि नेपाल में नेपाली नकली मुद्रा का कारोबार धड़ल्ले से फल-फूल रहा है।हालांकि, नेपाली सुरक्षा एजेंसी इस कारोबार में लिप्त लोगों पर निगाहें बनाए हुए हैं। जाली नोटों का कारोबार करने के आरोप में ललितपुर से तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जिला पुलिस परिसर ललितपुर ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर रविवार देर रात को सार्वजनिक कर दिया है। नेपाल जिला पुलिस के एसएसपी ललितपुर शेखर खनाल ने बताया कि ललितपुर के तौखेल, गोदावरी नगर पालिका-3 के 37 वर्षीय करण प्रधान, कावरे के मंडंडेपुर नगर पालिका-11 के संजय अधिकारी और कावरे के बेथनचोक ग्रामीण नगर पालिका-3 के 25 वर्षीय सबिन हुमागई को गिरफ्तार किया गया है।

एसएसपी शेखर खनाल ने बताया कि जिला न्यायालय काठमांडू से 7 दिन की समय सीमा के साथ गिरफ्तार किए गए लोगों के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है।

कैसे पहचाने नकली नोटों को
नेपाली 1000 के नोट के असली तथा नकली पहचान के लिए 1000 के नोट के पीछे रेल पर टॉर्च अथवा मोबाइल की रोशनी दिखाई जाए, तो एनआरबी लिखा दिखाई पड़ेगा पर नकली नोट में नहीं दिखेगा। नोट के दूसरे पहचान में नोटों के कागज में अंतर होता है असली नोट कड़ा होता है तथा नकली नोट साधारण कागज की तरह मुलायम होता है। तीसरी पहचान हाथ के उंगलियों से 1000 के नोटों को बारीकी से पकड़ कर अगर देखा जाए तो बने हुए चित्र तथा 1000 लिखे हुए संख्या पर खुरदुरा टाइप का लगेगा। लेकिन नकली नोटों में बिल्कुल सपाट रहेगा।

Exit mobile version